Engineering क्या है ? सभी Courses की जानकारी

engineering course jankari – 12th ke bad chune ye option, Engineering kya hai ? sabhi Courses ki jankari in Hindi. 12th Exam पूरा होने के बाद Student के लिए career option select करने की सबसे बड़ी परीक्षा शुरू हो जाती है. हालांकि ज्यादातर student 10th के बाद ही अपना Career ऑप्शन पसंद कर लेते है. इसके हिसाब से ही 11 -12th में subject – stream – फेकल्टी सेलेक्ट कर लेते है. अगर आपने science के साथ 12th की परीक्षा दी है तो आपके पास कई career option होते है. फिर भी आप 12th result तक राह जरूर देखते है. 12th science pass हो जाने के बाद engineering courses में जाना सभी स्टूडेंट पसंद करते है. इसके बाद governmet job पाना या फिर private job करना सरल हो जाता है. मतलब दोनों option आपके पास रहते है. इसी लिए इंजीनियरिंग को 12वि के बाद का best career option मन जाता है.

इजीनियरिंग करने के लिए आपको 12वीं उत्तीर्ण करना अनिवार्य होता है जिसमें आपका और मैथ्स सब्जेक्ट (Science, Maths) Strong होना चाहिए. आजकल आधुनिक machine,technology और Gadgets का काफी मात्रा में प्रयोग (Use) किया जाने लगा है जिसके कारण इंजीनियरिंग के फेकल्टी में रोजगार (Job) की काफी Option हैं. इंजीनियरिंग एक ऐसी व्यवस्था है जो मानव संसाधन की स्थिति सुधारने में काफी मददगार है. वैसे तो आज career के लिए काफी सारे option खुल गए हैं मगर इंजीनियरिंग अनेक Students का पसन्दीदा topic माना जाता है. engineering के fild में career बनाने के बाद काफी अच्छी salary – income भी हो जाती है.

इंजीनियरिंग की किसी भी ब्रांच में इन दोनों Subject की जानकारी बेहद जरूरी है। इसी फील्ड में कुछ नया करने की तलाश में अब आप इंजीनियरिंग की नई स्ट्रीम्स में भी अपना Career बना सकते हैं। Civil, computer, electrical, electronic जैसी Traditional Field के अलावा अब Space Technology, Food Taknoluji, Aeyrospes engineering, nuclear physics, Nanotaknoloji, Telecom Technology जैसी नई फील्ड भी आपके लिए खुली है। ये वो Career हैं जिनकी Demand आने वाले समय में निश्चित तौर पर बढे़गी। देश में इंजीनियरिंग की पढ़ाई के लिएIndian Institutes of Technology यानी IIT को सर्वश्रेष्ठ माना जाता है।

Be and Btech difference क्या है?

Be का अर्थ है- Bachelor of Engineering, जबकि Btech का मतलब है- Bachelor of Technology। सिविल, Mechanical पर आधारित परंपरागत इंजीनियरिंग के क्षेत्रों में Bachelor Degree को Be के नाम से जाना जाता है, जबकि Technology (खासकर omputer Technologies) पर आधारित कोर्स को Btech के नाम से जाना जाता है। वैसे, ये दोनों ही एक-दूसरे के पूरक – Complementary और समकक्ष – compeer नाम हैं और दोनों ही कोर्स चार वर्ष के होते हैं।

engineering के लिए qualification चाहिए ?

इंजीनियरिंग के किसी भी कोर्स में पास होना इतना आसान नहीं होता। scince – meths के साथ साथ आपका inglish language भी strong होना चाहिए. इंजीनियरिंग के Be या Btech कोर्स में Addmition पाने के लिए Physics, Chemistry and Maths से 12th Pass होना जरूरी है। बारहवीं की परीक्षा में शामिल होने वाले student भी इसमेंं सामिल हो सकते हैं, लेकिन इसके लिए और एक एग्जाम ली जाती है. ” entrance “. entrance exam में पास होने के बाद अंतिम रूप से addmition मिल पाता है। entrance exam में आपको IIT – Jee – AIEEEE exam पास करनी पड़ती है.

Engineering में Best Courses Option

engineering courses ki jankari

इंजीनियरिंग में कई तरह के courses option है. इसमे से मैं तो कहूंगा की आप जिसमे ज्यादा interest रखते हो इस course Joine करे. फिर भी यहाँ आपको Top Popular और आनेवाले दिनों में नौकरी की ज्यादा recruitment आने वाली है वैसे courses की जानकारी दी है.

1. Computer इंजीनियरिंग

computer engineering kya hai

कंप्यूटर की बढ़ती उपयोगिता के कारण Computer Engineers की Demand काफी बढ़ गई है। Computer Engineers Computer के Spares की Designing और Testing वगैरह का काम करते हैं। वे पेशेवर जो Computer हार्डवेयर्स और सॉफ्टवेयर्स के साथ काम करते हैं उन्हें Computer इंजीनियर कहा जाता है। ये अपनी टीम के साथ मिलकर Mathematics और Science का प्रयोग करके Computer को Design और विकसित करते हैं। जो Computer के पुर्जों के साथ काम करते हैं, उन्हें Computer hardware Engineer कहा जाता है और जो Computer के Programs के साथ काम करते हैं, उन्हें software engineer कहा जाता है।

  • Computer Science में Career बनाने के लिए मैथ्स और साइंस (फिजिक्स, केमेस्ट्री) में अच्छी पकड़ होनी चाहिए।
  • Computer इंजीनियर बनने के लिए उम्मीदवार को Computer साइंस में ग्रेजुएट की डिग्री लेनी होती है।
  • इस ब्रांच में Be या Btech करने के बाद पोस्टग्रेजुएशन यानी एमई/एमटेक किया जा सकता है।
  • Computer Engineers के लिए देश-विदेश दोनों जगहों पर अच्छी संभावनाएं हैं।
  • Goverment job भी computer engineering करने के बाद job मिलती है.
  • ये सॉफ्टवेयर्स को डिजाइन, डेवलप और मेंटेन करते हैं।
  • इस फील्ड से जुड़े लोगों को Software Companies और IT companies में job मिलती है।

2. Electrical engineering

Electrical इंजीनियरिंग संभावनाओं और मांग के मामले में सदाबहार है. घर से लेकर Industrial और स्पेस एप्लिकेंशस तक हर क्षेत्र में Electrical Engineer की जरूरत है.

हमारी जिंदगी में Modern machines और Gadgets के बढ़ते इस्तेमाल की वजह से Components को ज्यादा सक्षम, नियंत्रण योग्य और विश्वसनीय बनाने की जरूरत है. इस बढ़ती मांग की वजह से Electrical Engineer के रोजगार की संभावनाएं बढ़ रही है.

eligibility requirements :

इलेक्ट्रि‍कल इंजीनियरिंग की पढ़ाई के लिए Science Stream से Intermediate जरूरी है. इसके बाद इस कोर्स में Bachelor Degree या फिर उससे आगे Master’s Degree हासिल कर सकते हैं.

Employment Opportunities

हाल के दिनों में Electrical इंजीनीयरिंग क्षेत्र Semiconductor, networking, communication, navigation systems, computers and data analysis जैसे उन्नत Technology वाले क्षेत्रों में तेजी से फैल रही है. इसके आलावा इलेक्ट्रिक इंजीनियरिंग में Research – Data Digitization Sector में जॉब मिलता है. डाटा क्लेक्शन की इन जोरदार प्रणालियों ने Electrical इंजीनियरों के लिए ढेर सारे अवसर खोल दिए हैं.

3. Mechanical Engineering

मेकैनिकल इंजीनियरिंग क्या है?

मेकैनिकल

इंजीनियरिंग अब Computation Engineering से जुड़ चुका है, इसलिए इस Branch का Production पूणर्त: कम्प्यूटेशनल Based हो गया। सब ब्रांच में Automobile इंजीनियरिंग, Design इंजीनियरिंग, थर्मल इंजीनियरिंग, Aeronautical इंजीनियरिंग, नैवल इंजीनियरिंग शामिल होने के बाद एक भी एेसा Product नहीं बचा है, जिसमें Mechanical इंजीनियरिंग का योगदान न हो।

Mechanical Engineer बनने के लिए योग्यता

Mechanical civil engineer के लिए उम्मीदवार को 12th क्लास में Math, Physics, Chemistry विषयों से पास होने के बाद civil engineerिंग फील्ड से BE / BTech course करना अनिवार्य होता है. इस कोर्स कि अवधि 4 वर्ष की होती है. Be / Btech कोर्स में प्रवेश करने के लिए उम्मीदवार को 12th क्लास में Science Subject से अच्छे अंक प्राप्त करने होते है. इसके साथ-साथ उम्मीदवार को इंजीनियरिंग Entrance exam भी देना होता है.

mechanical engineering jobs

पहले इंजीनियरिंग करने के लिए Mechanical इंजीनियरिंग को सिर्फ लडक़ों के लिए ठीक-ठाक Branch माना जाता था, लेकिन अब Girls student की संख्या भी इस ब्रांच में बढ़ी है। Mechanical इंजीनियरिंग का Craze बढऩे का एक कारण इसमें मिलने वाले पैकेज भी है। Campus placement के लिए Third Year से ही कंपनियों की नजर स्टूडेंट्स पर रहने लगती है। अच्छे स्टूडेंट्स को Salary भी अच्छी मिल जाती है।

4. Civil Engineering

 Civil Engineering Kya Hai ?

सिविल इंजीनियरिंग क्या है (What is Civil Engineering) –
जब भी सरकार कोई योजना बनाती है. तो सबसे पहले सिविल इंजीनियर उस योजना की प्लानिंग, डिजाइनिंग व संरचनात्मक कार्यों (Structural actions) से लेकर रिसर्च और समाधान (Solution) तैयार करने का कार्य करता है. ये सारी जिम्मेदारी सिविल इंजीनियर के पास होती है.

Civil Engineering Educational Qualification

आमतौर पर civil engineer Public Works Projects पर कार्य करते हैं। civil engineer बनने के लिए Math and Physics की पृष्ठभूमि से होना आवश्यक है। यह डिग्री चार वर्ष अवधि की होती है।

  • सीनियर सिविल इंजीनियर के लिए उम्मीदवार को 12 क्लास में Math, Physics, Chemistry विषयों से पास होना है
  • के पश्चात सिविल इंजीनियरिंग फील्ड से BE / B.Tech courses करना अनिवार्य होता है.
  • ये कोर्स 4 वर्ष का होता है.
  • बीई / बीटेक कोर्स में प्रवेश करने के लिए उम्मीदवार को 12th क्लास में साइंस विषय से अच्छे अंक प्राप्त करने होते है.
  • इसके साथ-साथ उम्मीदवार को इंजीनियरिंग एंट्रेंस एग्जाम भी देना होता है.
  • जो उम्मीदवार इस एंट्रेंस एग्जाम में पास हो जाते है.

civil engineering jobs in India

civil engineer का कार्यक्षेत्र राज्य सरकारों के प्राधिकरणों के मार्गदर्शन में काम करना होता है तथा उनके प्लान को संबंधित सक्षम प्राधिकारी द्वारा अनुमोदित किया जाता है। civil engineer को सरकारी विभागों, निजी तथा सार्वजनिक क्षेत्र के उद्योगों, अनुसंधान तथा educational institutions में रोजगार की अपार संभावनाएं उपलब्ध हैं। जिस तरह की सारी दुनिया में real estate और निर्माण कार्योें की बाढ़ आई हुई है, उसे देखते हुए तो यही लगता है कि यहां रोजगार की संभावनाएं दिन पर दिन बढ़ती रहेंगी।

5. Chemical Engineering

ये  Chemical engineer का मुख्य काम विभिन्न Chemicals and chemical products के निर्माण में आने वाली समस्याओं का हल ढूंढना होता है। इनका कार्यक्षेत्र Petroleum, refining, fertilizer, technology, food and agricultural products processing, synthetic food, petro-chemicals, synthetic fibers, coal, mineral industry तथा एंवायरनमेंटल इंजीनियरिंग जैसे अन्य क्षेत्रों में फैला होता है।

Chemical Engineering Educational Qualification

Physics, Chemistry, Maths, Mechanical व Electrical इंजीनियरिंग आदि की पढ़ाई भी करनी होती है। कुछ Chemical engineer ऑक्सीडेशन, पॉलीमराइजेशन या प्रदूषण नियंत्रण जैसे किसी क्षेत्र विशेष में विशेषज्ञता हासिल कर लेते हैं।

Graduation की पढ़ाई के लिए अखिल भारतीय प्रवेश परीक्षा के जरिए आईआईटी, बीएचयू, रुडक़ी एवं कुछ अन्य बड़े Engineering Colleges में दाखिला लिया जा सकता है। विभिन्न राज्यों के अलग-अलग इंजीनियरिंग कॉलेज होते हैं, जहां राज्यस्तरीय प्रवेश परीक्षा के जरिए दाखिला मिलता है।

ग्रेजुएट एप्टिट्यूड टेस्ट इन इंजीनियरिंग (गेट) एवं नेशनल एलिजिबिलिटी टेस्ट (नेट-यूजीसी) उत्तीर्ण करके पोस्ट ग्रेजुएट पाठ्यक्रमों में दाखिला पाया जा सकता है।

Job For Chemical engineer

Chemical engineering से जुड़े प्रोफेशनल्स के लिए डाई, पेंट, वार्निश, दवाइयों, तेजाब, पेट्रोलियम, खादों, डेयरी उत्पादों से विभिन्न खाद्य पदार्थों से जुड़े उद्योगों में काम करने का अवसर मिलता है। ये टेक्सटाइल या प्लास्टिक इंडस्ट्री से लेकर कांच या रबर उद्योग में भी काम पा सकते हैं। आप चाहें, तो उत्पादन में लगी किसी इंडस्ट्री या फर्म में कार्य कर सकते हैं। किसी अनुसंधान केंद्र में भी रोजगार पा सकते हैं।

6. Biomedical Engineering

Biomedical Engineering kya hai ?

बायोमेडिकल इंजीनियरिंग  यानी BMI यांत्रिकी की एक उभरती हुई शाखा है। इसमें ऐसे Design tools और निर्माण करते हैं, जो यांत्रिकी और क्लीनिकल लिहाज से उपयोगी हों, जिसमें क्लिनिकल Computers, Artificial heart, contact lenses, wheelchairs आदि शामिल हैं। आज चिकित्सा विज्ञान (Medical Science) के क्षेत्र में हम और आप जीन और टिश्यू मेनिपुलेशन, कृत्रिम अंगों (Artificial Organs) के निर्माण, जीवनरक्षक उपकरणों (Life saving equipment) तथा पेसमेकर और डायलीसिस, परिष्कृत सर्जिकल उपकरणों तथा मेडिकल इमेजिंग तकनीकों जैसे कि एमआरआई, सीटी स्केनिंग और सोनोग्राफी जैसे नए-नए शब्द सुनते हैं, ये सब biomedical engineerिंग का ही कमाल है।

Biomedical Engineering Education Qualification

Biomedical Engineering के Graduation के पाठ्यक्रम में प्रवेश के लिए mathematics या biology समूह से न्यूनतम 55 प्रतिशत अंकों के साथ बारहवीं उत्तीर्ण होना आवश्यक है। इसके लिए प्रवेश परीक्षा भी उत्तीर्ण करनी होती है। biomedical engineer बनने के लिए biomedical इंजीनियरिंग में ग्रेजुएट आवश्यक है। बीएमई में पीजी भी किया जा सकता है।

Job Opportunities

  • देश में जिस तरह नए-नए Hospital खुल रहे हैं और मेडिकल टूरिज्म (Medical Tourism) की अवधारणा आकार ले रही है, उससे बायो-मेडिकल इंजीनियर की मांग बढ रही है।
  • भारत Medical Devices के निर्माण में अंतरराष्ट्रीय हब बन रहा है, उससे इसके पेशेवरों की जरूरत भी महसूस की जा रही है।
  • biomedical engineer के लिए जॉब के अवसर चिकित्सा उपकरण निर्माण, ऑर्थोपेडिक एवं री-हैब इंजीनियरिंग, मॉलिक्यूलर, सेल्लुलर एवं टिश्यू इंजीनियरिंग के क्षेत्र में हैं।
  • वे कॉरपोरेट सेक्टर में भी कई क्षेत्रों में काम कर सकते हैं। प्रोस्थेटिक्स, कृत्रिम अंग, लिंब्स, हिप्स और अन्य अंग बनाने वाली कंपनियों में अच्छे रोजगार मिल जाते हैं।
  • प्रयोगशालाओं का पर्यवेक्षण करने व मशीनों के व्यवस्थापन में बीएमई काम आते हैं।
  • वे वरिष्ठ शोधकर्ताओं के साथ जुडकर भी काम कर सकते हैं।
  • बीपीएल, लार्सन ऐंड टूब्रो, विप्रो मेडिकल और सीमंस जैसी कंपनियां इन्हें योग्यता के आधार पर अपने आर एंड डी, सेल्स व मार्केटिंग विभाग में जगह देती हैं।

engineering careers All courses list in india

Bachelor of Technology (BTech) – बैचलर ऑफ़ टेक्नोलॉजी (बीटेक)

  • सिविल इंजीनियरिंग)
  • एग्रीकल्चरल इंजीनियरिंग)
  • ऑटोमोबाइल इंजीनियरिंग)
  • बिओमेडिकल इंजीनियरिंग)
  • बायोटेक्नोलॉजी)
  • कंप्यूटर इंजीनियरिंग)
  • कंप्यूटर साइंस
  • इलेक्ट्रिकल एंड इलेक्ट्रॉनिक्स
  • इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग
  • इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कम्युनिकेशन

Master of Technology (M Tech) – मास्टर ऑफ़ टेक्नोलॉजी (ऍम टेक)

  • सिविल इंजीनियरिंग
  • एयरोस्पेस इंजीनियरिंग
  • एग्रीकल्चरल इंजीनियरिंग
  • इंजीनियरिंग इंजीनियरिंग
  • बायोटेक्नोलॉजी
  • केमिकल इंजीनियरिंग
  • इलेक्ट्रिकल एंड इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग
  • इलेक्ट्रॉनिक्स एंड टेलेकम्युनिकेशन्स इंजीनियरिंग
  • Electronics एंड इंस्ट्रूमेंटेशन इंजीनियरिंग
  • इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग
  • एनर्जी इंजीनियरिंग

Career In The Field Of Engineering

इंजीनियरिंग करने के बाद करियर के लिए काफी जगहों पर ऑप्शन मिल जाते हैं

इस क्षेत्र में ना केवल अच्छा करियर बनता है बल्कि अच्छी इनकम भी हो जाती है.

  • सेमीकंडक्टर
  • नेटवर्किंग
  • कम्यूनिकेशन
  • नेविगेशन सिस्टम
  • कंप्यूटर्स एंड डाटा एनालिसिस
  • इलेक्ट्रिकल एनर्जी
  • इलेक्ट्रिकल मशीनरी
  • पावर प्लांट
  • रेलवे
  • सिविल एविएशन
  • टेलीकम्युनिकेशन
  • विधुत उत्पादन

Exam Tips :

Extra Inning :

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agar aapne bhi 12th ki exam di hai aur result aane ke Bad Ye Information Aapko Help Karegi.

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33 Comments

  1. Ashish kumar March 6, 2017
  2. Ratan kumar March 25, 2017
    • HindiHelp Guru March 25, 2017
  3. ramkumar April 21, 2017
    • HindiHelp Guru April 21, 2017
  4. PRASHANT KUMAR May 29, 2017
    • HindiHelp Guru May 30, 2017
  5. Sandeep yadav May 31, 2017
  6. Narendra June 1, 2017
    • HindiHelp Guru June 1, 2017
  7. abhishek zodge June 2, 2017
  8. Girdhari June 7, 2017
    • HindiHelp Guru June 7, 2017
  9. Yogesh Jangir June 8, 2017
  10. Omii gurjjar June 10, 2017
    • HindiHelp Guru June 10, 2017
  11. Durgesh sahu June 12, 2017
    • HindiHelp Guru June 12, 2017
  12. Arun Ahuja June 13, 2017
    • HindiHelp Guru June 13, 2017
  13. Ankit Singh June 14, 2017
    • HindiHelp Guru June 14, 2017
  14. ankit June 15, 2017
    • HindiHelp Guru June 16, 2017
  15. arsad June 16, 2017
    • HindiHelp Guru June 16, 2017
  16. Vishal giri June 16, 2017
    • HindiHelp Guru June 18, 2017
  17. Raju Bhalerao June 19, 2017

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